Close

    04.02.2026 : भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, पूर्वोत्तर पर्वतीय अनुसंधान परिसर, सिक्किम केन्द्र में आज खरीफ-पूर्व फसल योजना पर हितधारकों की कार्यशाला एवं किसान–वैज्ञानिक संवाद का आयोजन किया गया।

    Publish Date : February 4, 2026

    भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, पूर्वोत्तर पर्वतीय अनुसंधान परिसर, सिक्किम केन्द्र में आज खरीफ-पूर्व फसल योजना पर हितधारकों की कार्यशाला एवं किसान–वैज्ञानिक संवाद का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सिक्किम के माननीय राज्यपाल श्री ओम प्रकाश माथुर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

    इस दौरान गंगटोक जिला के जिलाधिकारी श्री तुषार निखारे, संस्थान प्रमुख श्री अशोक कुमार सहित अधिकारियों, कर्मचारियों तथा बड़ी संख्या में किसानों की उपस्थिति रही।

    राज्यपाल महोदय ने सबसे पहले वैज्ञानिकों के साथ संवाद करते हुए आईसीएआर फार्म का भ्रमण किया और वृक्षारोपण भी किया।

    राज्यपाल महोदय ने फार्म में एक-एक फसल का विस्तार से निरीक्षण किया और जानकारी प्राप्त की। फार्म में मौसमी सब्जियाँ एवं फल जैसे राजमा, बीन्स आदि लगे हुए थे।

    राज्यपाल महोदय ने बड़ी इलायची और संतरे की उत्पादकता में गिरावट पर चिंता व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को इस पर अनुसंधान करने का निर्देश दिया। उन्होंने वैज्ञानिकों और अधिकारियों से आग्रह किया कि इस दिशा में ठोस उपाय किए जाएँ। साथ ही उन्होंने कहा कि किसानों में कृषि के प्रति रुचि पैदा करने के लिए ऐसी पहल विकसित की जाए जिससे उन्हें प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।

    अपने संबोधन में राज्यपाल महोदय ने कहा कि विकसित भारत के चार स्तंभों में किसानों की सबसे बड़ी भूमिका है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे जैविक सिक्किम की पहचान बनाए रखें। किसानों से संवाद करते हुए उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सहयोग विभिन्न स्थानों से मिलेगा, लेकिन वास्तविक मेहनत खेतों में करनी होगी। उन्होंने कहा कि देश आगे बढ़ रहा है और किसानों की भूमिका इसमें अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    राज्यपाल महोदय ने कृषि विज्ञान केन्द्र की गतिविधियों पर चर्चा की और किसान उत्पादक संगठन (FPOs) के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को युवाओं को शामिल करते हुए नर्सरी विकसित करने का निर्देश दिया ताकि उन्हें सशक्त बनाया जा सके और कृषि को नई ऊँचाइयों तक ले जाया जा सके। उन्होंने लोकभवन की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया।

    संवाद के दौरान राज्य के विभिन्न क्षेत्रों के किसानों ने अपनी चुनौतियाँ साझा कीं। विशेष रूप से किसानों ने बताया कि जानवरों द्वारा फसलों को नुकसान पहुँचाना एक बड़ी समस्या है। साथ ही जोंगु क्षेत्र के किसानों ने अपने उत्पादों को बेचने के लिए बाजार की आवश्यकता पर बल दिया।

    कार्यक्रम में माननीय राज्यपाल द्वारा प्रदर्शनी स्टॉल का उद्घाटन किया गया, जिसमें सिक्किम के जैविक उत्पादों का प्रदर्शन किया गया।