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    15.04.2026 : The Governor of Sikkim today visited the Baba Harbhajan Singh Temple situated around 56 km from Gangtok and inaugurated newly constructed “Atithi Prangan” at temple premises.

    Publish Date : April 15, 2026

    The Governor of Sikkim, Shri Om Prakash Mathur today visited the Baba Harbhajan Singh Temple situated around 56 km from Gangtok and inaugurated newly constructed “Atithi Prangan” at temple premises.

    As part of CSR initiatives, Mothilal Oswal Foundation constructed “Atithi Prangan” and other basic amenities at temple premises for tourists and devotees.

    The Governor conveyed his appreciation and gratitude to Mothilal Oswal Foundation for constructing required facilities like landscaping, pathways, war memorial, Ganju Lama War Memorial, installation of the statue of Sagat Singh, tourist facilitation infrastructure viz; food courts with souvenir shops etc with the objective of integrated development of pilgrimage & heritage destination.

    In his brief address, the Governor stated that the construction of basic tourist infrastructure and war museum at the Baba Harbhajan Singh Temple complex will go beyond tourism and provide an opportunity for visitors to engage with the armed forces’s history and it will serves as a reminder of the commitment of soldiers who defended the nation’s sovereignty.

    During his visit the Governor laid a wreath at the Sourya Sthal and paid tribute to Amar Jawans. And he also interacted with army jawans and exhorted their duty with dedication in challenging border areas, responsibility and bravery.

    On the occasion, the Governor presented essential items to soldiers deployed in high altitude areas.

    The Commander of the 63 Mountain Brigade, Brigadier, Amit Sharma along with other senior army officers and officials from Gangtok district administrative were present during the programme.

    सिक्किम के माननीय राज्यपाल श्री ओम प्रकाश माथुर ने आज प्रतिकूल मौसम और बर्फबारी के बीच कुपुप स्थित बाबा हरभजन सिंह मंदिर का दौरा किया।
    किया अतिथि प्रांगण का उद्घाटन।

    माननीय राज्यपाल ने मंदिर परिसर में हाल ही में किए गए सौंदर्यकरण और विकास कार्यों पर गहरी प्रसन्नता व्यक्त की। इस क्षेत्र में माननीय राज्यपाल के प्रयासों से CSR निधि का प्रभावी उपयोग हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप बाबा हरभजन सिंह मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र आज नई सुविधाओं और परिवर्तित स्वरूप के साथ पर्यटकों एवं स्थानीय जनों के लिए प्रेरणादायी स्थल के रूप में उभरा है । इसी कड़ी में माननीय राज्यपाल ने आज अतिथि प्रांगण का उद्घाटन किया ।

    इस कार्य में मोतीलाल ओसवाल ग्रुप ने अपनी CSR पहल के तहत बाबा हरभजन सिंह मंदिर में पर्यटक सुविधाओं के उन्नयन और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। राज्यपाल महोदय ने मोतीलाल ओसवाल ग्रुप के इस सराहनीय योगदान के लिए आभार व्यक्त किया है।

    इस पहल के अंतर्गत मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण किया गया है। इसके साथ ही गंजू लामा वार मेमोरियल का निर्माण तथा पर्यटकों की सुविधा हेतु एक आधुनिक कैफेटेरिया भी स्थापित किया गया है, जिसका संचालन स्थानीय महिलाओं द्वारा किया जा रहा है। इस पहल से महिलाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत अवसर मिला है और पर्यटकों को भी बेहतर सुविधाएँ प्राप्त हो रही हैं।
    मंदिर परिसर में एक युद्ध संग्रहालय की स्थापना भी की गई है, जो सिक्किम के वीर सपूत और विक्टोरिया क्रॉस प्राप्तकर्ता कैप्टन गंजू लामा को समर्पित है। इस संग्रहालय में गंजू लामा जी की वीरगाथा के साथ-साथ भारतीय सेना में सिक्किम के अन्य बहादुर सैनिकों की प्रेरणादायी कहानियाँ भी प्रदर्शित की गई हैं। यह संग्रहालय आने वाले पर्यटकों को प्रेरित करेगा और देशभक्ति तथा सैन्य इतिहास के प्रति गौरव की भावना को और मजबूत बनाएगा।

    इस अवसर पर माननीय राज्यपाल ने भारतीय सेना के वीर सैनिकों से मुलाकात की, उनके साथ संवाद किया और विशेष कार्यक्रम के अंतर्गत उपयोगी वस्तुएँ वितरित कीं। राज्यपाल महोदय ने सैनिकों के अदम्य साहस, अटूट सेवा भावना और मातृभूमि के प्रति उनकी निःस्वार्थ निष्ठा की सराहना की व बाबा हरभजन सिंह मंदिर में सभी के सुख-शांति, समृद्धि और कल्याण की प्रार्थना की। इस दौरान वीर शाहिद सैनिकों को पुष्पांजलि भी माननीय राज्यपाल द्वारा अर्पित की गई।

    कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल महोदय ने कहा कि यह क्षेत्र न केवल हमारी सीमाओं की रक्षा करने वाले वीर सैनिकों के साहस और वीरता का प्रतीक है, बल्कि बाबा हरभजन सिंह की लोकप्रियता और सैनिकों की निष्ठा यह भी सिद्ध करती है कि हमारी सेना सुरक्षा की प्रहरी होने के साथ-साथ आस्था और सेवा की भी जीवंत प्रतीक है।
    लोकभवन लौटते समय मार्ग में हिमस्खलन का सामना करते हुए राज्यपाल ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा दिल को छू लेने वाला अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि हमारे वीर जवान इन दुर्गम, बर्फीली और विषम परिस्थितियों वाली ऊँची पहाड़ियों में प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करते हैं और मातृभूमि की रक्षा में निरंतर तत्पर रहते हैं। उनकी निःस्वार्थ सेवा और अदम्य साहस वास्तव में राष्ट्र के लिए प्रेरणादायी है।

    इस अवसर पर 63 माउंटेन ब्रिगेड के कमांडर ब्रिगेडियर अमित शर्मा, सेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा प्रशासनिक अधिकारीगण उपस्थित रहे।