26.03.2026 : सिक्किम की ग्यारहवीं विधानसभा के प्रथम सत्र में लेखानुदान पर माननीय राज्यपाल श्री ओम प्रकाश माथुर जी का अभिभाषण
सिक्किम की ग्यारहवीं विधानसभा के प्रथम सत्र में लेखानुदान पर माननीय राज्यपाल श्री ओम प्रकाश माथुर जी का अभिभाषण
सिक्किम की ग्यारहवीं विधानसभा के वर्ष 2026 के प्रथम सत्र में आज माननीय राज्यपाल श्री ओम प्रकाश माथुर जी ने अभिभाषण प्रस्तुत किया। अपने संबोधन में राज्यपाल महोदय ने राज्य के सर्वांगीण विकास हेतु केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं और पहलों पर प्रकाश डाला।
राज्यपाल महोदय ने केंद्र सरकार के निरंतर सहयोग और समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा पहुँचाने की प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही, उन्होंने प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर अध्ययन कार्य और नीति निर्माण का उल्लेख किया।
शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने नवाचार, डिजिटल लर्निंग और कौशल विकास कार्यक्रमों पर बल दिया। उन्होंने सिक्किम को एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में उठाए गए कदमों का उल्लेख किया तथा “भारत रणभूमि दर्शन” के अंतर्गत हुई ऐतिहासिक उपलब्धियों को भी रेखांकित किया।
कृषि क्षेत्र पर प्रकाश डालते हुए राज्यपाल महोदय ने किसानों की आय बढ़ाने, जैविक खेती को प्रोत्साहन देने और जलवायु अनुकूल व पर्यावरण संरक्षक कृषि व्यवस्था विकसित करने की प्रतिबद्धता दोहराई। इसी क्रम में उन्होंने ग्रामीण विकास विभाग, वाइब्रेंट विलेज योजना और जल जीवन मिशन के अंतर्गत केंद्र एवं राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों को रेखांकित किया।
माननीय राज्यपाल ने कहा कि सिक्किम एक समृद्ध, न्यायसंगत और पर्यावरणीय स्थिरता से युक्त राज्य निर्माण की दिशा में अग्रसर है। यहाँ हर नागरिक का सपना साकार हो और विकास का हर कदम समानता एवं पारदर्शिता के साथ आगे बढ़े—सरकार इस दिशा में प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
राज्यपाल महोदय ने “सुनौलो समृद्ध अनि समर्थ सिक्किम” के विज़न को साझा करते हुए कहा कि सिक्किम विकसित भारत @2047 के निर्माण के प्रति कटिबद्ध है और इस दिशा में अपना सार्थक योगदान देगा। उन्होंने सदन में हुए विचार-विमर्श को एक स्वस्थ और खुशहाल सिक्किम की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।