08.04.2026 : सिक्किम के माननीय राज्यपाल श्री ओम प्रकाश माथुर जी ने ‘एलेक्ज़ेंड्रा डेविड-नील: ए जर्नी इंटू बौद्धिज़्म’ प्रदर्शनी का उद्घाटन किया
सिक्किम के माननीय राज्यपाल श्री ओम प्रकाश माथुर जी ने ‘एलेक्ज़ेंड्रा डेविड-नील: ए जर्नी इंटू बौद्धिज़्म’ प्रदर्शनी का उद्घाटन किया
आज नामग्याल इंस्टीट्यूट ऑफ तिब्बतोलॉजी के तत्वावधान में आयोजित प्रदर्शनी ‘एलेक्ज़ेंड्रा डेविड-नील: ए जर्नी इंटू बौद्धिज़्म’’ का उद्घाटन सिक्किम के माननीय राज्यपाल श्री ओम प्रकाश माथुर ने किया।
इस अवसर पर भारत में फ्रांस के राजदूत डॉ. थियरी माथू, भारत में बेल्जियम के राजदूत श्री डिडिएर वांडरहासेल्ट, भारत में स्विट्ज़रलैंड की राजदूत श्रीमती माया तिस्साफी, भूटान राजघराने से आशी केसांग वांगमो वांगचुक, फ्रांस के महावाणिज्य दूत, कोलकाता श्री थियरी मोरेल, भारत में फ्रेंच इंस्टीट्यूट के निदेशक श्री ग्रेगर ट्रुमेल, नामग्याल इंस्टीट्यूट ऑफ तिबेटोलॉजी के निदेशक डॉ. पासंग डी. फेम्पु, प्रदर्शनी क्यूरेटर डॉ. अन्ना बालिकची, विशिष्ट अतिथिगण, आयोजकगण और जनसमुदाय उपस्थित रहे |
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए माननीय राज्यपाल ने कहा कि यह प्रदर्शनी फ्रांसीसी यात्री और बौद्ध विदुषी एलेक्ज़ेंड्रा डेविड-नील के जीवन एवं उनके योगदान को समर्पित है, जिनकी विरासत आज भी प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है। माननीय राज्यपाल ने एलेक्ज़ेंड्रा डेविड-नील द्वारा बौद्ध धर्म को अपनी रचनाओं के माध्यम से पश्चिमी जगत तक पहुँचाने के महत्वपूर्ण कार्य पर प्रकाश डाला।
राज्यपाल महोदय ने एलेक्ज़ेंड्रा डेविड-नील के सिक्किम प्रवास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एलेक्ज़ेंड्रा डेविड- नील ने अपने सिक्किम प्रवास के दौरान उन्होंने राजपरिवार से आम जनता तक सभी वर्गों से संवाद स्थापित किया। इन वर्षों ने उनके बौद्ध दर्शन, साधना और तिब्बती भाषा के ज्ञान को आकार दिया तथा उनकी ल्हासा यात्रा और आगे के लेखन की मजबूत नींव रखी।
माननीय राज्यपाल जी ने भारत सरकार का हृदय से आभार व्यक्त किया कि केंद्रीय बजट में उत्तर-पूर्वी भारत के लिए बौद्ध सर्किट विकास योजना की घोषणा की गई है। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण पहल न केवल बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार को नई गति प्रदान करेगी, बल्कि सिक्किम और पूर्वोत्तर राज्यों की समृद्ध सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक धरोहर को वैश्विक पटल पर उजागर करने का सुनहरा अवसर भी सृजित करेगी।
उन्होंने फ्रांस दूतावास, बेल्जियम एवं स्विट्जरलैंड के दूतावासों, फ्रेंच इंस्टीट्यूट इन इंडिया, फ्रांस स्थित एलेक्ज़ेंड्रा डेविड-नील संग्रहालय तथा सभी समर्पित कर्मचारियों को बधाई दी, जिनके अथक प्रयासों से यह प्रदर्शनी साकार हुई है ।
राज्यपाल महोदय ने कहा कि यह प्रदर्शनी न केवल एलेक्ज़ेंड्रा डेविड-नील के प्रति सम्मान है, बल्कि उन असंख्य महिलाओं के प्रति सम्मान भी है, जिन्होंने बौद्धिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक क्षेत्र को समृद्ध किया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह प्रदर्शनी हर आगंतुक को प्रेरित करेगी और नई पीढ़ियों को अपनी विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रोत्साहित करेगी।
भारत में फ्रांस के राजदूत डॉ. थियरी माथू ने अपने सम्बोधन में इस कार्यक्रम मे बुलाने हेतु धन्यवाद प्रकट करते हुए भारत एवं फ़्रांस, दोनों देशों के अच्छे और मजबूत संबंध पर प्रकाश डाला |
इस दौरान माननीय राज्यपाल ने एलेक्ज़ेंड्रा डेविड-नील के जीवन एवं उनके योगदान पर लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया जिसमे उनकी 1912-1916 तक की सिक्किम प्रवास की यात्रा को दर्शाया गया है |