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    21.05.2026 : सिक्किम के माननीय राज्यपाल श्री ओम प्रकाश माथुर ने गेजिंग जिले के अपने तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे के दूसरे दिन क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत का व्यापक दौरा किया।

    Publish Date : May 21, 2026

    सिक्किम के माननीय राज्यपाल श्री ओम प्रकाश माथुर ने गेजिंग जिले के अपने तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे के दूसरे दिन क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत, प्रगतिशील कृषि और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न स्थलों का व्यापक दौरा किया।

    अपने भ्रमण कार्यक्रम की शुरुआत में राज्यपाल महोदय सिक्किम की पहली राजधानी युक्सम पहुंचे, जहां उन्होंने ‘कोरोनेशन थ्रोन’ (राज्याभिषेक सिंहासन) का अवलोकन किया, जहां सन् 1642 में छोग्याल फुंगसोक नामग्याल को सिक्किम के पहले छोग्याल के रूप में प्रतिष्ठित किया गया था। इस ऐतिहासिक धरोहर का बारीकी से निरीक्षण करते हुए राज्यपाल महोदय ने सिक्किम की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को अक्षुण्ण बनाए रखने और प्राचीन स्मारकों के बेहतर संरक्षण पर विशेष बल दिया।

    ऐतिहासिक स्थल के दौरे के उपरांत राज्यपाल महोदय ने युक्सम स्थित कीवी फार्म का दौरा किया, जहां सिक्किम के प्रसिद्ध ‘कीवी मैन’ श्री बुद्ध हांग सुब्बा ने माननीय राज्यपाल से मुलाकात की।
    श्री सुब्बा ने राज्यपाल महोदय को क्षेत्र में कीवी की उन्नत खेती की तकनीकों और किसानों की आजीविका पर इसके सकारात्मक प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी, साथ ही फार्म में औषधीय गुणों से भरपूर जिन्सेंग (Jinsing) की खेती के प्रयोगों से भी अवगत कराया।
    स्थानीय स्तर पर कृषि के क्षेत्र में किए जा रहे इन अभिनव एवं आत्मनिर्भर प्रयासों की राज्यपाल महोदय ने सराहना की है।

    इसके अलावा राज्यपाल महोदय ने पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करती युक्सम स्थित रिसोर्स रिकवरी सेंटर (RRC) का दौरा किया, जो क्षेत्र में कचरा प्रबंधन का एक प्रमुख केंद्र है। वहाँ राज्यपाल महोदय ने सूखे और गीले कचरे के अलग करने तथा रीसाइक्लिंग की पूरी प्रक्रिया का बारीकी से निरीक्षण किया। माननीय राज्यपाल ने केंद्र में ई-कचरा (E-Waste) के संग्रहण और पर्यावरण-अनुकूल के लिए की गई व्यवस्था की विशेष रूप से जानकारी प्राप्त की।

    इसी क्रम में आगे बढ़ते हुए, माननीय राज्यपाल ने युक्सम के खेचेपेरी स्थित ‘खेचेपेरी बैंबू हाउस’ का दौरा किया।
    यहाँ राज्यपाल महोदय ने स्थानीय शिल्पकारों और कारीगरों के साथ सीधा संवाद किया और उनके द्वारा बाँस से बनाए गए हस्तशिल्प उत्पादों का बारीकी से अवलोकन किया। स्थानीय कारीगरी और पर्यावरण के अनुकूल सतत आजीविका मॉडल को देखकर राज्यपाल महोदय ने इन शिल्पकारों के हुनर को प्रोत्साहित किया है।
    इसके साथ ही, उन्होंने पारंपरिक कला को जीवित रखने और इसे बड़े बाजारों तक पहुँचाने के लिए लोकभवन की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन भी दिया है।

    इस पूरे दौरे के दौरान क्षेत्र विधायक सह पर्यटन मंत्री श्री टीटी भूटिया, जनप्रतिनिधिगण और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।